Conjuror Of My Night
O black Cloud, Conjuror of My night!
It seems that the faint rays of dawn…
Are already getting ready
for Your imminent departure from My bed…
And I can’t do anything to rebuke them…
They don’t know that the spell
Of Your shameless, penetrating, and disturbed fury
Still keeps vibrating around it…
उमाया मायी मे
उमाया मायिन्मेऽन्धकद मृदु शङ्के मम शयात्
त्वदन्तोत्थाने तूषकरकुलमुद्युञ्जदुत तत् ।
न वेत्त्याक्षेप्यं मे कथमथ तमद्यापि परितस्
त्वदह्र्युद्भित्क्षुब्धारतिमनुरिहास्पन्दत इति ॥
मेरी रात का जादूगर
हे काले बादल! मेरी रात के जादूगर!
ऐसा लगता है कि भोर की धीमी किरणें
मेरे बिस्तर से तेरे आनेवाले निर्गम के लिए पहले ही तैयार हो रही हैं …
और मैं उन्हें डांटने के लिए कुछ नहीं कर सकती …
वे नहीं जानतीं कि तेरे बेशर्म, भेदक और व्याकुल आवेश का जादू
अभी भी इसके चारों ओर कंपन करता रहता है …


